OthersShiv aur unke roop

24th June 2020by Shubham Agarwal0

भगवान शिव की उपासना करने वाले तमाम भक्त शिव के अलग अलग रूप को पूजते हैं और उत्साहपूर्वक जानने की कोशिश भी करते हैं,भगवान शिव को भारत के कई कोनों में अलग अलग रूप में प्रतिष्ठित भी किया गया है,कहीं भगवान रुद्र के रूप में तो कहीं विश्वनाथ के रूप में और कहीं तो अमरनाथ के रूप में हैं और सबकी उपासना के भिन्न भिन्न लाभ हैं।

तो आइए बात करते हैं भारत में स्थित भगवान शिव के कई रूपों की
महादेव – भगवान शिव अपने अंश से ही तमाम देवताओं को जन्म दिए थे,यहीं नहीं भगवान ने अपने अंश से शक्ति को भी जन्म दिया था,सभी देवी देवताओं के सृजनकर्ता होने के नाते ही उन्हें महादेव के नाम से जाना जाता है,भगवान शिव के महादेव रूप की सोमवार को पूजा करने से कई ग्रह कट जाते हैं।

आशुतोष -ऐसा कहा जाता है कि भगवान शिव अपने भक्तों से बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और इसलिए ही उन्हें आशुतोष भी कहा जाता है,भगवान शिव के आशुतोष रूप की आराधना करने से सभी प्रकार के तनाव से मुक्ति मिलती है,आशुतोष स्वरूप की उपासना का मंत्र है , ॐ आशुतोषाय नमः।

रूद्र -शिव जी के संहार की प्रवृति के अनुसार उनका नाम रुद्र भी रखा गया है,उग्र रूप में शिव जी की उपासना रुद्र के नाम से की जाती है,रुद्र रूप में भगवान शिव वैराग्य भाव जगाते है,भगवान शिव के इस रूप को ॐ नमो भगवते रुद्राय के मंत्र से आराधना करनी चाहिए।

नीलकंठ – ऐसा कहा जाता है कि भगवान शिव ने संसार की रक्षा के लिए हलाहल विष पिया था,इस विष को पीने से भगवान शिव का कंठ नीला पड़ गया था ,नीलकंठ रूप की उपासना से शत्रु बाधा दूर होती है।भगवान शिव के इस रूप को ॐ नमो नीलकंठाय के मंत्र से आराधना करनी चाहिए।

मृत्युंजय – ऐसा कहा जाता है कि भगवान शिव के मृत्युंजय रूप की उपासना से मृत्यु को भी मात दी जा सकती है,इनकी आराधना से अकाल मृत्यु से भी बचा जा सकता है, ॐ हौ जूं स: मंत्र की आराधना से भगवान शिव के मृत्युंजय रूप की पूजा की जाती है।

किसी भी वास्तु,ज्योतिष संबंधी जानकारी के लिए हमसे संपर्क करें।
Predictionsforsuccess.com
धन्यवाद्

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://predictionsforsuccess.com/wp-content/uploads/2018/07/planets_footer.png

Follow Us

Developed By PhotoholicsMedia

Open chat
Chat with us!