OthersKya jeevan ek sangharsh hai?

22nd July 2020by Shubham Agarwal0

जब हम पैदा हुए,जग हंसे हम रोए,
ऐसी करनी कर चलो ,हम हंसे जग रोए।
कबीर दास की पंक्तियां जीवन के उद्देश्य को कहीं ना कहीं प्रकट कर रही है,और बता रही हैं कि मानव योनि में जन्म लेना ही बड़े सौभाग्य की बात है और इसमें कुछ ऐसा कर जाना चाहिए जिससे ये समूचा जहां कभी भूल ना सके,ईश्वर ने हमें ये मौका दिया है कि हम पृथ्वी के उद्धार के लिए कुछ करें,मानव कल्याण के लिए कुछ करें हमें इसका शुक्रगुजार होना चाहिए।

हालांकि कई बार ये सुनने को मिलता है कि जीवन में संघर्ष बहुत है या कई दफा तो ऐसा भी लोग कहते हैं कि जीवन का दूसरा नाम ही संघर्ष है,हालांकि हम अपना व्यक्तिगत मत थोड़ा भिन्न करते हुए आपको समझाते हैं,सबसे पहले ये बता दें कि जिसे आप संघर्ष कहते हैं वो असल में चुनौती है जो इंसान अपनी सोच के अनुसार ही स्वयं के लिए तय करता है और उसको पूरा करने की कोशिश करता है और इस बीच उसे तरह तरह की छोटी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

अब केवल एक प्रश्न है,क्या इन चुनौतियों के बगैर इंसान का जीवन अधूरा और नीरस नहीं हो जाएगा?
बिल्कुल हो जाएगा,इसलिए मानव योनि में जन्म लेने के उद्देश्य को संघर्ष का नाम देना बंद करें और स्वयं को उद्देश्य प्राप्ति के रास्ते में आने वाली चुनौतियों का सामना करने दें,इसी में आपको भी सुख मिलेगा।

किसी भी प्रकार की वास्तु,ज्योतिष संबंधी जानकारी के लिए हमसे संपर्क करें।
Predictionsforsuccess.com
धन्यवाद्

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://predictionsforsuccess.com/wp-content/uploads/2018/07/planets_footer.png

Follow Us

Developed By PhotoholicsMedia

Open chat
Chat with us!