OthersLockdown,prakriti parivaar aur mai

25th August 2020by Shubham Agarwal0

इस महामारी ने जहां हमें खूब डराया , धमकाया और बहुत से लोगों को रोने पर मजबूर कर दिया,इस वाकया से एक मेरी त्रिवेणी (तीन वाक्यों की काव्य रचना) निकल कर आती है जो इस घटनाक्रम को बयां करती है:
धडनोंो को उंगलियों पर गिनता इंसान,
कितना विवश है,
शायद अक्षम्य अपराध रहा होगा।
कहीं ना कहीं हमारे द्वारा ,अपने कर्ता-धर्ता की ही अनदेखी का ये परिणाम है जिसकी सज़ा पूरा विश्व भुगत रहा है।

हालांकि एक और बात इस विषय में है कि ‘ जो भी होता है सब अच्छे के लिए ही होता है ‘,अब आप सोच रहे होंगे कि इतनी बड़ी महामारी फैली है,इसमें क्या ही अच्छा हो सकता है,लेकिन नहीं ऐसा सोचना ग़लत है,इस समय भी कुछ अच्छाई है जिसे शायद हम देख या महसूस ना कर पा रहे हों,लेकिन अस्तित्व इसका भी है,आप अपने आसपास जो लहलहाते फूल, पत्ते,और बेहद शांत वातावरण देख रहे हैं या पर्यावरण की जो खुशबू आपको महका जा रही है वो इस लॉकडाउन का ही परिणाम है।
यही नहीं,जितने भी कामकाजी व्यक्ति या कॉलेज में पढ़ रहे छात्र हैं वो सब पिछले 5 महीनों से घर पर हैं,इससे कहीं ना कहीं परिवार में एक तारतम्यता बन रही है,जिसका अनुभव हमें आगे चलकर ज़रूर होगा ,इस दौरान हम घर के सभी सदस्य को बेहद करीब से जान पा रहे हैं,पसंद और नापसंदगी से वाकिफ हो पा रहे हैं।
इसके अलावा एक और खास चीज़ है वो हैं हम खुद , जी हां ,हम अपने अंदर भी ना जाने कितने बदलाव देखे होंगे, इन पांच महीनों में,कारण है ,स्वयं की विवेचना या सेल्फ इंट्रोस्पेक्शन ,शहर की चिल्ल पौं से दूर हम स्वयं को समय दे रहे हैं ये भी इस लॉकडाउन की ही देन है।

किसी भी वास्तु,ज्योतिष संबंधी जानकारी के लिए हमसे संपर्क करें।
Predictionsforsuccess.com
धन्यवाद्

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

http://predictionsforsuccess.com/wp-content/uploads/2018/07/planets_footer.png

Follow Us

Developed By PhotoholicsMedia

Open chat
Chat with us!